गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः , गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरु साक्षात् परब्रह्म , तस्मै श्री गुरुवे नमः।।
"पानी" के बिना
"नदी" बेकार है,
"अतिथि" के बिना
"आँगन" बेकार है,
"प्रेम" ना हौ तो
"सगेसम्बन्धी"बेकार है,
और
जीवन में "गुरु" ना हौ तो
"जीवन" बेकार है।
इसलिये
जीवन में "गुरु" ज़रूरी है
"गुरूर" नहीं।
आपको और आपके परिवार को गुरु पुणीॅमा की शुभ कामना...
•॥ कृष्णम् वंदे जगद्गुरु ॥•
जय_श्री_कृष्णा
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