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Sunday, August 13, 2017

Everyday prayer for peaceful mind.


*प्रतिदिन  स्मरण  योग्य शुभ  मंत्र।*
*प्रात: कर-दर्शनम्*
कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥
*पृथ्वी क्षमा प्रार्थना*
समुद्र वसने देवी पर्वत स्तन मंडिते।
विष्णु पत्नी नमस्तुभ्यं पाद स्पर्शं क्षमश्वमेव॥
*त्रिदेवों के साथ नवग्रह स्मरण*
ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानु: शशी भूमिसुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्र: शनिराहुकेतव: कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्॥
*स्नान मन्त्र*
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु॥
*सूर्यनमस्कार*
ॐ सूर्य आत्मा जगतस्तस्युषश्च
आदित्यस्य नमस्कारं ये कुर्वन्ति दिने दिने।
दीर्घमायुर्बलं वीर्यं व्याधि शोक विनाशनम्
सूर्य पादोदकं तीर्थ जठरे धारयाम्यहम्॥
ॐ मित्राय नम:
ॐ रवये नम:
ॐ सूर्याय नम:
ॐ भानवे नम:
ॐ खगाय नम:
ॐ पूष्णे नम:
ॐ हिरण्यगर्भाय नम:
ॐ मरीचये नम:
ॐ आदित्याय नम:
ॐ सवित्रे नम:
ॐ अर्काय नम:
ॐ भास्कराय नम:
ॐ श्री सवितृ सूर्यनारायणाय नम:
आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीदमम् भास्कर।
दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते॥
*संध्या दीप दर्शन*
शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसंपदा।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपकाय नमोऽस्तु ते॥
दीपो ज्योति परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः।
दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तु ते॥
*गणपति स्तोत्र*
गणपति: विघ्नराजो लम्बतुन्ड़ो गजानन:।
द्वै मातुरश्च हेरम्ब एकदंतो गणाधिप:॥
विनायक: चारूकर्ण: पशुपालो भवात्मज:।
द्वादश एतानि नामानि प्रात: उत्थाय य: पठेत्॥
विश्वम तस्य भवेद् वश्यम् न च विघ्नम् भवेत् क्वचित्।
विघ्नेश्वराय वरदाय शुभप्रियाय।
लम्बोदराय विकटाय गजाननाय॥
नागाननाय श्रुतियज्ञविभूषिताय।
गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥
शुक्लाम्बरधरं देवं शशिवर्णं चतुर्भुजं।
प्रसन्नवदनं ध्यायेतसर्वविघ्नोपशान्तये॥
*आदिशक्ति वंदना*
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
*शिव स्तुति*
कर्पूर गौरम करुणावतारं,
संसार सारं भुजगेन्द्र हारं।
सदा वसंतं हृदयार विन्दे,
भवं भवानी सहितं नमामि॥
*विष्णु स्तुति*
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्ण शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
*श्री कृष्ण स्तुति*
कस्तुरी तिलकम ललाटपटले, वक्षस्थले कौस्तुभम।
नासाग्रे वरमौक्तिकम करतले, वेणु करे कंकणम॥
सर्वांगे हरिचन्दनम सुललितम, कंठे च मुक्तावलि।
गोपस्त्री परिवेश्तिथो विजयते, गोपाल चूडामणी॥
मूकं करोति वाचालं पंगुं लंघयते गिरिम्।
यत्कृपा तमहं वन्दे परमानन्द माधवम्॥
*श्रीराम वंदना*
लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्।
कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये॥
*श्रीरामाष्टक*
हे रामा पुरुषोत्तमा नरहरे नारायणा केशवा।
गोविन्दा गरुड़ध्वजा गुणनिधे दामोदरा माधवा॥
हे कृष्ण कमलापते यदुपते सीतापते श्रीपते।
बैकुण्ठाधिपते चराचरपते लक्ष्मीपते पाहिमाम्॥
*एक श्लोकी रामायण*
आदौ रामतपोवनादि गमनं हत्वा मृगं कांचनम्।
वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीवसम्भाषणम्॥
बालीनिर्दलनं समुद्रतरणं लंकापुरीदाहनम्।
पश्चाद्रावण कुम्भकर्णहननं एतद्घि श्री रामायणम्॥
*सरस्वती वंदना*
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वींणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपदमासना॥
या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा माम पातु सरस्वती भगवती
निःशेषजाड्याऽपहा॥
*हनुमान वंदना*
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहम्।
दनुजवनकृषानुम् ज्ञानिनांग्रगणयम्।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशम्।
रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥
मनोजवं मारुततुल्यवेगम जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणम् प्रपद्ये॥
*स्वस्ति-वाचन*
ॐ स्वस्ति न इंद्रो वृद्धश्रवाः
स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः।
स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्ट्टनेमिः
स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु॥
*शांति पाठ*
ऊँ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते।
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥
ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्ष (गुँ) शान्ति:,
पृथिवी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति:।
वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति:,
सर्व (गुँ) शान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सा मा शान्तिरेधि॥
*॥ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:॥*
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Friday, August 4, 2017

God is money making machine?

आज मंदिर में बहुत भीड़ थी, एक  *विदेशी लड़की दर्शन* के लिए लगी लम्बी लाइन को अचरज से देख रही थी,

*तभी एक पंडित जी आये और बोले :~*

बहुत लम्बी कतार है, ऎसे दर्शन नही हो पाएंगे, *501* रू. मे *VIP* पास ले लो, जल्दी दर्शन करवा दूंगा !

*विदेशी *लड़की बोली :~* मै 5100 दूंगी, भगवान से कहो बाहर आकर मिल लें !

*पंडित जी बोले :~* मजाक करती हो, भगवान भी कभी मंदिर से बाहर आते हैं क्या ?

*विदेशी लड़की फिर बोली :~* मै 51000 दूंगी, उनसे कहो, मुझ से मेरे घर पर आकर मिल लें !

*पंडितजी:~* (गुस्से मे) : तुमने भगवान को समझ क्या रखा रखा है !
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*विदेशी लड़की :~ वही तो मै भी पूछना चाहती हूं, आपने भगवान को समझ क्या रखा  है ?*

*पैसा बनाने की मशीन ???*

बात छोटी है अगर सहमत हो तो आगे बढ़ाए।

Think about it !!!

Monday, July 31, 2017

Swami Vivekanand Story

સત્ય ધટના
     સન ૧૮૮૧ ની વાત છે. એક પ્રોફેસરે કલાસમાં તેમના વિધ્યાર્થિઓને એક સવાલ કર્યો...આ દુનિયામાં જે બધુ આપણે જોઇ રહ્યા છીએ તે કોને બનાવ્યું છે ? શું પરમ ક્રુપાળુ પરમાત્માએ આ બધી રચના કરી છે ?

વિધ્યાર્થિ – હા સાહેબ..

પ્રોફેસર –તો પછી સેતાનને કોને બનાવ્યો ? શું સેતાન પણ પ્રભુએ જ બનાવ્યો છે?

વિધ્યાર્થિ એકદમ શાંત થઈ ગયો..અને પછી તેણે પ્રોફેસરને એક વિનંતિ કરી ..

સાહેબ શું હું આપને પ્રશ્ન કરી શકું ?  પ્રોફેસરે સમંતિ આપી..

વિધ્યાર્થિ-શુ ઠંડી જેવું કાઈં હોય છે ?

પ્રોફેસર- ચોક્કસ હોય છે..

વિધ્યાર્થી – માફ કરજો સાહેબ ..તમારો જવાબ ખોટો છે. ઠંડી લાગવી એ ગરમીની ગેરહાજરીનું પરિણામ છે.

વિધ્યાર્થિએ બીજો પ્રશ્ન કર્યો...

શું અંધારૂ અસ્તિત્વ ધરાવે છે ?

પ્રોફેસર – હાસ્તો ધરાવે છે...

વિધ્યાર્થી –સાહેબ તમે આ વખતે પણ ખોટા છો...ખરેખર અંધારા જેવી કોઇ ચીજ છે જ નહી...ખરેખર તો અંધારૂ અજવાળાની ગેરહાજરી છે..

જેવુ અંજવાળુ આવશે એટલે તરતજ અંધારૂ ગાયબ થઇ જશે.

સાહેબ આપણે રોજ પ્રકાશ અને ગરમીનો અભ્યાસ કરીએ છીએ પણ ઠંડી અને અંધારાનો  કરતા નથી..

તેવીજ રીતે સેતાનની કોઇ હયાતી નથી એ તો પ્રેમ , વિશ્વાસ,અને  ઇશ્વર પ્રત્યેની આસ્થાની ગેરહાજરી છે...

જેને ઇશ્વર પ્રત્યે આસ્થા અને શ્રધ્ધા નથી તેને જ સેતાનનો અનુભવ થાય છે...

આ વિધ્યાર્થિનુ નામ હતું
-સ્વામી વીવેકાનંદ.

Good  morning ......

🙏

Friday, July 21, 2017

Problem and Self confidence.....

🌻 સુંદર સવાર 🌻   
             
"માનવી જયારે મુશ્કેલી માં મુકાય ત્યારે તેના પર કોઈ "વિશ્વાસ "કરતુ નથી ,

પરંતુ માનવી મુશ્કેલી માં ત્યારે જ મુકાય છે જયારે તે પોતાના કરતા પણ વધારે "વિશ્વાસ" બીજા પર મુકે છે"       🙏

Think before you leap.

God bless you.

Have a nice day ahead.

Saturday, December 10, 2016

Ashish Barot's Blog I am Happy & Healthy

Crying and Trying .... What is difference?

We observe many people around us, who are doing complaints about almost everything. About their life, wife, situation etc. Means they are c...