ઘરનાં કે ઓફીસ નાં દરવાજા પર ઘોડાની " *નાળ* " લગાવાથી સફળતા નથી મળતી સાહેબ .......
સફળતા મેળવવા તો આપણાં *પગ નીચે ઘોડાની " નાળ* " લગાવી પડે અને રાત દિવસ *લક્ષ* પાછળ દોડવું પડે ત્યારે સફળતા મળે છે.
અંધ વિશ્વાસ ભગાવો....
આત્મ વિશ્વાસ જગાવો....
Time Management, Knowledge, Health, Fun, Success, Goal Setting, Business, Habit, Life
ઘરનાં કે ઓફીસ નાં દરવાજા પર ઘોડાની " *નાળ* " લગાવાથી સફળતા નથી મળતી સાહેબ .......
સફળતા મેળવવા તો આપણાં *પગ નીચે ઘોડાની " નાળ* " લગાવી પડે અને રાત દિવસ *લક્ષ* પાછળ દોડવું પડે ત્યારે સફળતા મળે છે.
અંધ વિશ્વાસ ભગાવો....
આત્મ વિશ્વાસ જગાવો....
*માનસિક શાંતિ માટેના ઉપાયો.*
✅ પારકી પંચાત કરશો નહી.
✅ તમામ પરિસ્થિતિ મા શાંત રહેજો.
✅ કડવા ઘુટડા ગળી જજો.
✅ કદી જીવ બાળશો નહી.
✅ તમારા કામકાજના વખાણ બીજા કરે એવું ઝંખશો નહી.
✅ કોઈની ઈર્ષા કરશો નહી.
✅ તમે જ તમારી જાતને સુધારો.
✅ જે અનિવાર્ય હોય તે સહન કરી લો.
✅ તમારી ફરજ ચુકશો નહી.
✅ રોજ ધ્યાનમાં બેસો.
✅ સતત સત્કાર્યમાં પરોવાયેલા જ રહો.
✅ નિસ્વાર્થ સેવા કરો.
✅ સારા-નરસા નો વિવેક કરતાં શીખો.
✅ જરૂરિયાત ઘટાડો.
✅ કરવા યોગ્ય જ કામ કરો.
✅ ખંતપૂર્વક સદ્દગુણો કેળવો.
✅ હિંમત હારી જાઓ ત્યારે ધર્મગ્રંથોનુ વાંચન કરો.
✅ માગ્યા વગર સલાહ આપવા દોડી જશો નહી.
✅ દલીલબાજી થી દૂર રહો.
✅ બધામાં ઈશ્વર દર્શન કરો.
✅ જીવનમાં આવતા દુખોને પણ ઈશ્વરની પ્રસાદી માની સ્વીકારી લો.
God bless you and your family.
To all Indian students,
देश के विद्यार्थियों के नाम ।
एक बार इजराइल देश का अपने पडोसी देश से लगातार तीस दिनो तक युद्ध चलता रहा ।इजराइल सेनपति ने अपने देश के प्रधानमन्त्री को फोन किया ----
सर हमारे हजारों सैनिक शहीद हो चुके हैं । अब हमारी सेना मे केवल चालीस हजार सैनिक लड रहे हैं । दुश्मन की सेना मे लगभग दो लाख सैनिक हैं ।यदि युद्ध दो दिन और चलता रहा तो हमारी हार निश्चित है । दुश्मन अपने देश पर कब्जा करके उसे अपना गुलाम बना सकता है ।
इस आपातकाल मे बडे धैर्य के साथ प्रधानमन्त्री जी ने टी , वी पर केवल देश के विद्यार्थियों को सम्बोधित किया --
डियर स्टूडैन्टस् !
हमारे हजारों सैनिक युद्ध मे शहीद हो चुके हैं । अब सेना मे केवल चालीस हजार सैनिक बचे हैं । दुश्मन के पास लाखों सैनिक हैं । हमारी सेना पीछे हट रही है । देश गुलाम हो सकता है ।
अब केवल आप ही देश को बचा सकते हैं । आज आपका इजराइल देश आपको , आपकी शक्ति , आपका पराक्रम , आपका खून और आपका बलिदान मांग रहा है ।
आज रात ग्यारह बजे आपके निकटतम रेलवे स्टेशन से स्पेशल रेलगाडी देश की सीमा पर जाएगी । आपसे मेरी हाथ जोड कर विनती है कि आप कापी , किताब और कलम छोड दीजिए । आपको जो भी अस्त्र शस्त्र , भाला , बरछा गंडास तलवार और गोली , बन्दूक मिले , उसे लेकर युद्ध भूमि पर पहुंच जाएं ।
रात ही रात मे पाँच लाख विद्यार्थी सीमा पर पहुंचकर युद्ध करने लगे । दुश्मन की सेना मे खलबली और भगदड मच गई ।उसके लाखों सैनिक मारे गए ।
इस प्रकार देश के विद्यार्थियों ने अपने देश को गुलाम होने से बचा लिया । सेनापति ने यह शुभ समाचार प्रधानमन्त्री को दिया । खुशी के मारे प्रधानमन्त्री की आंखों मे आंसू आ गए । परन्तु विद्यार्थियों ने इस विजय श्री का शुभ सेहरा अपने महान प्रधानमन्त्री के सिर पर रखा ।उनका इस बात के लिए आभार प्रकट किया उनको देश के लिए कुछ करने का अवसर दिया है ।
To all Indians....
आज कालाधन , भ्रष्टाचार , भ्रष्टनेता , जमाखोर , आतंकवाद और राहू केतू आदि दुश्मन और राक्षस सब एक साथ मिलकर आपके देश पर लगातार आक्रमण कर रहे हैं । इन सबसे लडने के लिए आज मै हाथ जोडकर और सर झुकाकर आपका आह् वान कर रहा हूं । इस संकट और आपातकाल मे मै आपका समर्थन और सहयोग चाहता हूं । आज आप कालेधन से अपने देश की बचा लीजिए !!
We can do it !
Let's start from ourselves.
Thank you for reading.
एक राजा ने बहुत ही सुंदर ''महल'' बनावाया और महल के मुख्य द्वार पर एक ''गणित का सूत्र'' लिखवाया और एक घोषणा की कि
इस सूत्र से यह 'द्वार खुल जाएगा और जो भी इस ''सूत्र'' को ''हल'' कर के ''द्वार'' खोलेगा में उसे अपना उत्तराधीकारी घोषित कर दूंगा।
राज्य के बड़े बड़े गणितज्ञ आये और सूत्र देखकर लोट गए, किसी को कुछ समझ नहीं आया।
आख़री दिन आ चुका था उस दिन 3 लोग आये और कहने लगे हम इस सूत्र को हल कर देंगे।
उसमे 2 तो दूसरे राज्य के बड़े गणितज्ञ अपने साथ बहुत से पुराने गणित के सूत्रो की पुस्तकों सहित आये।
लेकिन एक व्यक्ति जो ''साधक'' की तरह नजर आ रहा था सीधा साधा कुछ भी साथ नहीं लाया था।
उसने कहा मै यहां बैठा हूँ पहले इन्हें मौक़ा दिया जाए।
दोनों गहराई से सूत्र हल करने में लग गए लेकिन द्वार नहीं खोल पाये और अपनी हार मान ली।
अंत में उस साधक को बुलाया गया और कहा कि आपका सूत्र हल करिये समय शुरू हो चुका है।
साधक ने आँख खोली और सहज मुस्कान के साथ 'द्वार' की ओर गया। साधक ने धीरे से द्वार को धकेला और यह क्या? द्वार खुल गया, ....
राजा ने साधक से पूछा - आप ने ऐसा क्या किया?
साधक ने बताया जब में 'ध्यान' में बैठा तो सबसे पहले अंतर्मन से आवाज आई, कि पहले ये जाँच तो कर ले कि सूत्र है भी या नहीं।
इसके बाद इसे हल ''करने की सोचना'' और मैंने वही किया!
कई बार जिंदगी में कोई ''समस्या'' होती ही नहीं और हम ''विचारो'' में उसे बड़ा बना लेते हैं।
Have a great and peaceful time ahead.
God bless you all.
*जीएसटी लगने तो दीजिये अभी अपना ब्लड प्रेशर मत बढाइये*
Our Mind is very powerful
Do meditation everyday, like you take food 2-3 times a day.
The more you meditate, more you become powerful.
We observe many people around us, who are doing complaints about almost everything. About their life, wife, situation etc. Means they are c...